रिपोर्ट:रिपु कुमारी
Madhepura:12 वर्ष प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले बेसिक ग्रेड वाले नियोजित शिक्षकों का अगले वेतनमान वाले ग्रेड में प्रमोशन करने का आदेश डीपीओ स्थापना ने जारी कर दिया है। डीपीओ सह डीईओ संजय कुमार के द्वारा जारी पत्रांक 98 और 12 जनवरी 2025 में कहा गया कि वैसे नियोजित शिक्षक जिन्होंने प्रशिक्षण को 12 वर्ष पूर्ण कर लिया है उन बेसिक ग्रेड के नियोजित शिक्षकों को वित्तीय उन्नयन में प्रमोशन देना है।
डीईओ ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, मुरलीगंज, सिंहेश्वर, आलमनगर और बिहारीगंज नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सह सदस्य सचिव, जिले के सभी प्रखंड शिक्षक नियोजन इकाई, पंचायत नियोजन इकाई को पत्र निर्गत तिथि से एक माह के अंदर अग्रेतर कार्रवाई कर उन्नयन लाभ देने हेतु कार्रवाई करते हुए अधोहस्ताक्षरी को अवगत कराने का आदेश जारी किया है। डीपीओ स्थापना ने कहा है कि नियोजित शिक्षकों को 12 वर्ष संतोषजनक सेवा के लिए बिहार पंचायत प्रारंभिक विद्यालय( नियुक्ति, प्रोन्नति,स्थानान्तरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवा शर्त) नियमावली 2020 एवं बिहार नगर प्रारंभिक विद्यालय सेवा (नियुक्ति, प्रोन्नति, स्थानान्तरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवा शर्त) नियमावली 2020 की कंडिका 16 (2) में वर्णित प्रावधान प्रारंभिक शिक्षक संवर्ग के मूल कोटि के शिक्षक के पद पर योगदान की तिथि अनुमान्य प्रशिक्षण अर्हता प्राप्त करने की तिथि (जो बाद की तिथि हो) से न्युनतम 12 वर्ष की संतोषजनक सेवा के आधार पर अगले वेतनमान (स्नातक कोटि) में प्रोन्नति दी जायेगी। जिसमें शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। वे प्रोन्नति के फलस्वरूप इस कोटि के शिक्षक अपने ही कोटि में रहेंगे। अतः शिक्षक नियोजन नियमावली 2020 की प्रति पत्र के साथ संलग्न कर भेजते हुए अनुरोध है कि अपने-अपने नियोजन अन्तर्गत नियोजित शिक्षकों को उपरोक्त के आलोक में वित्तीय उन्नयन का लाभ एक माह के अन्दर देने हेतु अग्रेत्तर कार्रवाई करते हुए की गई कार्रवाई से अधोहस्ताक्षरी को अवगत कराएं। डीपीओ सह डीईओ संजय कुमार ने इसकी प्रतिलिपि बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष को भी प्रतिलिपि देकर कार्य में सहयोग करने को कहा है सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को निदेश दिया है कि अपने अपने प्रखंड अंतर्गत सभी नियोजन इकाई को अपेक्षित सहयोग करें।
नियोजित शिक्षकों में खुशी की लहर
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काफी दिनों से अपनी प्रमोशन के लिए दर दर भटक रहे नियोजित शिक्षकों में यह जानकर खुशी की लहर दौड़ गई है कि उन्हें अगले ग्रेड उन्नयन के लाभ का आदेश पत्र निर्गत हो गया। नियोजित शिक्षकों ने कहा कि वे लोग अपनी पुरानी नौकड़ी को नहीं छोड़ सकते। सरकार नियोजित शिक्षकों के नियमावली के दबाकर उनके हक के साथ खेलवाड़ करने पर आतुर है। जो उन्हें कतई मंजूर नहीं है। सरकार अगर शिक्षकों को सम्मान देंगे तो शिक्षक भी गुणवत्ता शिक्षा में अपनी अहम योगदान देने का काम करेंगे। अगर शिक्षा विभाग के अधिकारी नियमानुसार नियमावली के अनुकूल समय समय पर लाभ नहीं देते हैं तो शिक्षक अपनी हक के लिए कोर्ट का शरण लेते रहेंगे। जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकता है। काफी दिनों बाद नियोजित शिक्षकों के प्रमोशन का कार्य शुरू होने से नियोजित शिक्षकों में खुशी प्याप्त है।






