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Madhepura: प्रलेस,मधेपुरा का जिला सम्मेलन संपन्न, नई कमिटी गठित

– प्रो. विनय कुमार चौधरी अध्यक्ष और डॉ. हर्ष वर्धन सिंह राठौर सचिव निर्वाचित, सर्वसम्मति से हुआ पदाधिकारियों का चयन

Madhepura:प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस), मधेपुरा का जिला सम्मेलन बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित सार्क इंटरनेशनल स्कूल परिसर में विभिन्न सत्रों के आयोजन के साथ संपन्न हो गया। सम्मेलन में संगठन की नई जिला कमिटी का गठन किया गया। सर्वसम्मति से वरिष्ठ साहित्यकार एवं पूर्व संकायाध्यक्ष प्रो. विनय कुमार चौधरी को अध्यक्ष तथा युवा साहित्यकार एवं इतिहासकार डॉ. हर्ष वर्धन सिंह राठौर को जिला सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। सम्मेलन में साहित्य की सामाजिक भूमिका, वैचारिक प्रतिबद्धता और संगठन के भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।

कार्यक्रम को संबोधित करते राज्य सचिव जय प्रकाश यादव

राज्य पर्यवेक्षक प्रांतीय महासचिव अनीश अंकुर को सम्मानित करते पूर्व कुलसचिव प्रो सचिन्द्र

नव निर्वाचित सचिव डॉक्टर राठौर को सम्मानित करते पर्यवेक्षक

प्रेलेस के नव निर्वाचित अध्यक्ष प्रो विनय कुमार चौधरी को सम्मानित करते पर्यवेक्षक

चर्चित विचारक एवं लेखक तथा पूर्व कुलसचिव प्रो. सचिंद्र महतो की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन दीप प्रज्वलन और प्रगतिशील लेखक संघ से जुड़े दिवंगत साहित्यकारों को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। राज्य पर्यवेक्षक के रूप में प्रलेस के प्रांतीय महासचिव अनीश अंकुर और प्रांतीय सचिव जयप्रकाश यादव उपस्थित रहे। स्वागताध्यक्ष प्रो. विनय कुमार चौधरी ने राज्य से आए अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न, पुस्तकें और सम्मेलन विशेष किट देकर सम्मानित किया।

स्वागत भाषण में प्रो. विनय कुमार चौधरी ने प्रगतिशील लेखक संघ के इतिहास और उसकी वैचारिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 1936 में प्रेमचंद की अध्यक्षता में स्थापित इस संगठन ने साहित्य के माध्यम से सामाजिक चेतना और प्रगतिशील विचारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अध्यक्षीय एवं उद्घाटन संबोधन में प्रो. सचिंद्र महतो ने कहा कि प्रगतिशील लेखक संघ को स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में वैचारिक स्तर पर आंदोलन को धार देने का गौरव प्राप्त है। आजादी के लगभग आठ दशक बाद परिस्थितियां बदली हैं, लेकिन संगठन की भूमिका आज भी महत्वपूर्ण है। वर्तमान समय में साहित्यकारों को सामाजिक चुनौतियों के प्रति सजग रहते हुए अपनी वैचारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए।

साहित्य का सामाजिक-सांस्कृतिक दायित्व महत्वपूर्ण: अनीश अंकुर

राज्य पर्यवेक्षक एवं प्रलेस के प्रांतीय महासचिव अनीश अंकुर ने कहा कि साहित्य को जीने के बाद ही सही मायने में समझा जा सकता है। साहित्य केवल रचनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका व्यापक सामाजिक और सांस्कृतिक दायित्व भी है। बदलाव के दौर में साहित्य की परिभाषा और भूमिका निरंतर बदल रही है। ऐसे समय में मधेपुरा में प्रगतिशील लेखक संघ का जिला सम्मेलन आयोजित होना विशेष मायने रखता है।

मुख्य अतिथि प्रांतीय सचिव जयप्रकाश यादव ने कहा कि साहित्य अपनी भूमिका स्वयं तय नहीं करता, बल्कि साहित्यकार उसके सारथी बनते हैं। इसलिए समाज में साहित्यकारों की भूमिका हमेशा अहम रही है। साहित्यकारों को गलत प्रवृत्तियों और सामाजिक विसंगतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। साहित्य को समाज की मशाल कहा जाता है, क्योंकि वह लोगों को सही दिशा दिखाने का काम करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मधेपुरा जिला सम्मेलन से निकली नई टीम भविष्य की कई अपेक्षाओं को साकार करेगी।

सर्वसम्मति से गठित हुई नई जिला कमिटी

सम्मेलन के सांगठनिक सत्र में युवा विचारक एवं अर्थशास्त्री प्रो. प्रसन्ना ने 15 सदस्यीय कार्यकारिणी, सात सदस्यीय सचिव मंडल और तीन सदस्यीय संरक्षक मंडल के गठन का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने पारित कर दिया। इसके बाद सर्वसम्मति से नई कमिटी के पदाधिकारियों का चयन किया गया।

नई कमिटी में प्रो. विनय कुमार चौधरी को अध्यक्ष, साहित्यकार मणिभूषण वर्मा को कार्यकारी अध्यक्ष तथा डॉ. हर्ष वर्धन सिंह राठौर को सचिव चुना गया। समाजसेवी चंद्रशेखर और विचारक रमन कुमार को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। सार्क इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक अबू जफर को कोषाध्यक्ष बनाया गया।

संरक्षक मंडल में पूर्व कुलसचिव प्रो. सचिंद्र महतो, वरिष्ठ साहित्यकार श्यामल सिंह पथिक, समाजशास्त्री डॉ. आलोक कुमार और लेखक अरविंद श्रीवास्तव को शामिल किया गया। संयुक्त सचिव के एक पद तथा संरक्षक मंडल में एक स्थान को रिक्त रखा गया।

कार्यकारिणी में शैलेंद्र सुमन, विनीता भारती, प्रो. प्रसन्ना, सोनम आजाद, गरिमा उर्वशा और फिरोज मंसूरी को शामिल किया गया। सम्मेलन में प्रस्तावित सचिव मंडल और कार्यकारिणी के गठन को संगठन के आगामी कार्यक्रमों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।

नई कमिटी के गठन के बाद उद्घाटनकर्ता प्रो. सचिंद्र महतो तथा राज्य पर्यवेक्षक अनीश अंकुर और जयप्रकाश यादव ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार चौधरी, कार्यकारी अध्यक्ष मणिभूषण वर्मा और सचिव डॉ. हर्ष वर्धन सिंह राठौर को माला पहनाकर बधाई दी और नई टीम का अभिनंदन किया।

विभिन्न जनवादी और साहित्यिक संगठनों ने किया अभिनंदन

सम्मेलन में शामिल विभिन्न जनवादी एवं साहित्यिक संगठनों के प्रतिनिधियों शंभू शरण भारतीय और गणेश मानव ने सम्मेलन का अभिनंदन किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई जिला कमिटी क्षेत्र में साहित्यिक गतिविधियों को विस्तार देने और प्रगतिशील विचारों को समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. आलोक कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। सम्मेलन को सफल बनाने में जैद, शाकिब और आर्यन की भूमिका महत्वपूर्ण रही। सम्मेलन ने मधेपुरा में साहित्यिक गतिविधियों को नई ऊर्जा देने तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े साहित्य को प्रोत्साहित करने का संकल्प प्रस्तुत किया।

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