---Advertisement---

Madhepura:हिन्दुओं का संगठित रहना समय की आवश्यकता : हिन्दू सम्मेलन संपन्न

Madhepura:राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में आयोजित हो रहे हिन्दू सम्मेलनों की कड़ी में मधेपुरा नगर परिषद के वार्ड संख्या–06 स्थित रामजानकी ठाकुरबाड़ी परिसर में सनातन संस्कार समिति द्वारा आज दिनांक 18 जनवरी 2026 को हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया।

सम्मेलन का उद्देश्य समाज में संगठन, संस्कार और राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम में वक्ता के रूप में संत श्री दिनेश जी, सामाजिक कार्यकर्ता राहुल यादव एवं धरणीधर सिंह उपस्थित रहे। वक्ताओं ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा निर्धारित “पंच परिवर्तन” विषयों पर विस्तारपूर्वक एवं सारगर्भित उद्बोधन दिया।

वक्ताओं ने कहा कि ये पाँच परिवर्तन—सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी व आत्मनिर्भरता तथा नागरिक कर्तव्य—आगामी वर्षों में भारतीय समाज को नई दिशा देने वाले हैं। वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में इन विषयों की प्रासंगिकता और आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

सामाजिक समरसता पर विशेष बल

वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक समरसता का अर्थ समाज के सभी वर्गों के बीच सौहार्द, प्रेम और एकता स्थापित करना है। उपनिषदों के “एकोहं बहुस्याम” एवं “वयं अमृतस्य पुत्राः” जैसे विचार यह संदेश देते हैं कि समस्त मानव एक ही चेतना से उत्पन्न हैं। जातिगत भेदभाव और अस्पृश्यता का उन्मूलन कर सभी को आत्मवत समझना ही सभ्य समाज की नींव है। इसके लिए शिक्षा, संवाद और परस्पर सहयोग को बढ़ावा देना आवश्यक है।

कुटुंब प्रबोधन को बताया राष्ट्र की आधारशिला

कुटुंब प्रबोधन विषय पर वक्ताओं ने कहा कि परिवार समाज और राष्ट्र की मूल इकाई है। भारतीय पारिवारिक व्यवस्था धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के चार पुरुषार्थों पर आधारित रही है, जिसमें गृहस्थ आश्रम को सर्वाधिक महत्व दिया गया है। परिवार न केवल संस्कृति का संवाहक है, बल्कि सामाजिक स्थिरता और नैतिक मूल्यों का केंद्र भी है।

वक्ताओं ने वर्तमान समय में परिवार व्यवस्था के सामने उत्पन्न चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि संवाद, सामूहिक जिम्मेदारी और सांस्कृतिक मूल्यों के पुनर्जागरण से ही परिवारों को मजबूत बनाया जा सकता है। बच्चों के सर्वांगीण विकास, दांपत्य जीवन में संतुलन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को जागृत करना आवश्यक है।

कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने आह्वान किया कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को पंच परिवर्तन को अपने जीवन में अपनाकर सशक्त, समरस और संस्कारित भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।

गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति

इस अवसर पर नगर संघ चालक तरुण जी, जिला सह कार्यवाह ललन जी, कार्यक्रम संचालक आलोक जी, कार्यक्रम अध्यक्ष रमेश रजक, ब्रह्मानंद यादव, वार्ड पार्षद भानु प्रताप, सुनील सिंह उर्फ मामा, रामचन्द्र चौधरी, दिलीप सिंह, सूरज, इंदुभूषण, राजकुमार, सूर्य कुमार, शशिशेखर सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, मातृशक्ति एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

---Advertisement---

LATEST Post

Exit mobile version