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Madhepura:उदाकिशुनगंज प्रखंड के 143 विद्यालयों में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी शत-प्रतिशत संपन्न, जिले के सभी विद्यालयों में भी आयोजन पूरा।

Madhepura:उदाकिशुनगंज। शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार और शिक्षक-अभिभावकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी उदाकिशुनगंज प्रखंड के सभी 143 विद्यालयों में शत-प्रतिशत संपन्न हो गई। वहीं मधेपुरा जिले के सभी विद्यालयों में भी यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

संगोष्ठी के माध्यम से विद्यालय, शिक्षक और अभिभावकों के बीच समन्वय स्थापित करने, बच्चों की शैक्षणिक प्रगति पर चर्चा करने और शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने की पहल की गई। कार्यक्रम में विशेष रूप से माताओं की भागीदारी उत्साहजनक रही। बड़ी संख्या में माताओं ने विद्यालय पहुंचकर बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर शिक्षकों से संवाद किया।

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सागर कुमार चौधरी ने विभिन्न विद्यालयों में आयोजित संगोष्ठी का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अलख जगाना सभी शिक्षकों और विभागीय कर्मियों का प्रयास है। शिक्षक और अभिभावकों के बेहतर तालमेल से ही बच्चों के शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिल सकती है।

अमृता कुमारी, अनुमंडल पार्षद माध्यमिक शिक्षक संघ ने कहा कि मधेपुरा जिले के शिक्षक सरकार के हर निर्देश और लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने में सक्षम हैं। शिक्षक शिक्षा के दर्पण को बेहतर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।

बंदना कुमारी ने कहा कि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के नेतृत्व में आयोजित शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी में माताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जो शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रमाण है।

वहीं शैलेश कुमार चौरसिया ने कहा कि मधेपुरा जिला विद्यालयों के बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी तरह तैयार है। जिले को शिक्षा के क्षेत्र में प्रथम स्थान प्राप्त करने के उद्देश्य से सभी शिक्षक, प्रधानाध्यापक, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, संकुल स्तर के कर्मी और विभागीय अधिकारी लगातार प्रयासरत हैं।

उन्होंने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने में जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा अभियान) अभिषेक कुमार, संभाग प्रभारी जयप्रकाश शर्मा सहित सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रधानाध्यापक, शिक्षक, तकनीकी टीम और जनप्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

कार्यक्रम को सफल बनाने में संजय क्रांति, प्रेमलता, शैलेश कुमार चौरसिया, बंदना कुमारी, मंजर आलम, सुनील कुमार चौरसिया, विजय कुमार पासवान, कंचनमाला, कुमार किशोर केसरी, सियाराम मोची, कुमोद दास, महालिकात झा, संजीव कुमार, अमृता कुमारी, ओमप्रकाश शर्मा, संजय कुमार, पुतुल, राजेश सिंह, शंकर सिंह, रीता कुमारी, चंद्रभूषण पासवान, ललन कुमार, दीनबंधु, गुंजन, मजहर आलम, अविनाश कुमार, गौरव कुमार, कुमार संजय प्रताप, उमा कुमारी, पवन मंडल, अनिकेत रंजन, परशुन कुमार सिंह, पवन कुमार रंजन, धर्मेंद्र कुमार, नरेंद्र कुमार, अभिनंदन कुमार साह, कियामुद्दीन, अरुण कुमार, रमेश कुमार, उमेश यादव, मोनालिका कुमारी, अरविंद यादव, नवनीत कुमार सहित अन्य कर्मियों की सक्रिय भूमिका रही।सभी विद्यालयों में कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए शिक्षक और विभागीय कर्मी लगातार जुटे रहे।

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