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Madhepura:ग्वालपाड़ा प्रखंड में डिग्री कॉलेज स्थापना की मांग हुई तेज, वैभव सिंह ने एमएलसी डॉ. अजय सिंह से की मुलाकात

Madhepura:जिले के ग्वालपाड़ा प्रखंड क्षेत्र में डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर स्थानीय स्तर पर लंबे समय से उठ रही मांग अब राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गई है। इसी कड़ी में समाजसेवी वैभव सिंह ने बिहार विधान परिषद सदस्य (कोसी स्थानीय प्राधिकार) डॉ. अजय सिंह से पटना स्थित उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार मुलाकात कर ग्वालपाड़ा में डिग्री कॉलेज खोले जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

मुलाकात के दौरान वैभव सिंह ने कहा कि ग्वालपाड़ा प्रखंड और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों छात्र-छात्राओं को इंटर के बाद स्नातक की पढ़ाई के लिए मधेपुरा, सहरसा या अन्य जिलों का रुख करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बाहर जाकर पढ़ाई करना कठिन हो जाता है, जिसके कारण कई छात्र उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि प्रखंड मुख्यालय या निकटवर्ती क्षेत्र में डिग्री कॉलेज की स्थापना हो जाती है तो न केवल शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि बालिकाओं की पढ़ाई भी सुगम होगी।

वैभव सिंह ने डॉ. अजय सिंह को यह भी अवगत कराया कि शाहपुर पंचायत क्षेत्र में डिग्री कॉलेज निर्माण के लिए पर्याप्त सरकारी एवं दान योग्य भूमि उपलब्ध है, जिससे भूमि अधिग्रहण की समस्या भी नहीं आएगी और परियोजना को शीघ्र मूर्त रूप दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधि और आम नागरिक भी इस पहल के समर्थन में हैं।

इस पर एमएलसी डॉ. अजय सिंह ने विषय को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ग्वालपाड़ा जैसे शैक्षणिक रूप से उभरते क्षेत्र में डिग्री कॉलेज की आवश्यकता महसूस की जा रही है और वे इस मुद्दे को बिहार विधान परिषद के सदन में उठाएंगे। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि वर्तमान विधानसभा सत्र समाप्त होने के पश्चात वे स्वयं शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा करेंगे, ताकि आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा सके।

स्थानीय बुद्धिजीवियों और अभिभावकों का मानना है कि ग्वालपाड़ा में डिग्री कॉलेज की स्थापना होने से क्षेत्र में उच्च शिक्षा का नया केंद्र विकसित होगा। इससे छात्र-छात्राओं का पलायन कम होगा, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा रोजगार के अवसर भी सृजित हो सकते हैं। लोगों को उम्मीद है कि जनप्रतिनिधियों की पहल से वर्षों पुरानी यह मांग अब धरातल पर उतर सकेगी।

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