Madhepura:जिले के उदाकिशुनगंज प्रखंड ने प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (PBL) एमआईपी 3.10 के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है। प्रखंड के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक विज्ञान एवं गणित विषय के अंतर्गत एससीईआरटी द्वारा निर्धारित टॉपिक पर प्रोजेक्ट बेस्ट लर्निंग आधारित एमआईपी का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।

इस उपलब्धि को लेकर शिक्षा विभाग में उत्साह का माहौल है। गौरतलब है कि उदाकिशुनगंज प्रखंड लगातार इस लक्ष्य की प्राप्ति में जिले में अग्रणी बना हुआ है, जो शिक्षकों, तकनीकी टीम और प्रशासनिक सहयोग की संयुक्त मेहनत का परिणाम माना जा रहा है।

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी उदाकिशुनगंज श्री विजय कुमार ने इस सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए प्रखंड तकनीकी टीम के सदस्यों, विज्ञान एवं गणित विषय से जुड़े शिक्षकों, विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, जिला तकनीकी टीम तथा जिले के सभी विभागीय अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि “प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग शिक्षण-अधिगम का एक सशक्त, रोचक और प्रभावी माध्यम है, जिसने गणित और विज्ञान जैसे जटिल विषयों को छात्रों के लिए सरल और आकर्षक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”

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उन्होंने आगे कहा कि शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच पीबीएल की बढ़ती लोकप्रियता इसकी उपयोगिता को दर्शाती है। एससीईआरटी बिहार एवं “मंत्रा फॉर चेंज” द्वारा इसके डिजाइन, शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने, कार्यशालाओं के आयोजन तथा ऑनलाइन बैठकों के माध्यम से निरंतर मार्गदर्शन को उन्होंने सराहनीय बताया।

श्री विजय कुमार ने यह भी कहा कि इस योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने में जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक गठित तकनीकी टीमों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने विशेष रूप से जिला शिक्षा पदाधिकारी मधेपुरा श्री संजय कुमार, समग्र शिक्षा अभियान के डीपीओ अभिषेक कुमार, संभाग प्रभारी सुशील मंडल, जिला तकनीकी टीम लीडर संजय क्रांति, प्रेमलता एवं शैलेश कुमार चौरसिया के साथ-साथ प्रखंड तकनीकी टीम लीडर मंजर आलम, वंदना कुमारी, अनिकेत रंजन, परशुन कुमार सिंह और निलेश कुमार सहित सभी सहयोगियों के प्रति आभार प्रकट किया।
शिक्षा जगत में इस उपलब्धि को नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति की सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जिससे छात्रों में विषयों के प्रति रुचि बढ़ने के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान और रचनात्मक सोच का भी विकास हो रहा है।






