– वनस्पति शास्त्र विभाग के यूजी पंचम सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए विचार, शिक्षकों ने विषय की वैज्ञानिक महत्ता पर डाला प्रकाश
Madhepura:पार्वती विज्ञान महाविद्यालय, मधेपुरा के वनस्पति शास्त्र विभाग में यूजी पंचम सेमेस्टर के एमजेसी एवं एमआईसी के विद्यार्थियों द्वारा ‘डीएनए इज द जेनेटिक मटेरियल’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव जोशी की अध्यक्षता में आयोजित इस सेमिनार में विद्यार्थियों ने विषय से संबंधित अपने विचार प्रस्तुत किए। वहीं, विभिन्न विभागों के शिक्षकों ने डीएनए की संरचना, आनुवंशिकता में उसकी भूमिका और जैविक विज्ञान में उसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।



सेमिनार में अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. नीलाकांत, राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार सिंह, मैथिली विभागाध्यक्ष सुश्री राजश्री, जन्तु विज्ञान विभाग के डॉ. कृष्ण कुमार, अर्थशास्त्र विभाग के डॉ. धनंजय, गणित विभाग के डॉ. प्रभु कुमार शाह, डॉ. उमाशंकर प्रसाद उदय तथा एनएसएस समन्वयक डॉ. चंद्रदेव ठाकुर सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
शिक्षकों ने अपने संबोधन में विषय की वैज्ञानिक और शैक्षणिक महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ-साथ सेमिनार और परिचर्चा जैसी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया। इस प्रकार के आयोजनों को विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, विषय की समझ और अभिव्यक्ति क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया।
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सेमिनार में खुशबू कुमारी, अंजली, मनीषा, कोमल, पूजा, पुष्पांजलि, तबस्सुम परवीन, सपना, मुस्कान, महावीस प्रवीण, अशर टीपू, आखिफ हसन, नीतीश, अभिषेक और अजीत सहित अन्य विद्यार्थियों ने विषयवस्तु पर अपने विचार व्यक्त किए।
सेमिनार के समन्वयक डॉ. अजय कुमार ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव जोशी ने कहा कि वनस्पति शास्त्र विभाग के विद्यार्थी नियमित रूप से महाविद्यालय आकर पढ़ाई कर रहे हैं और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की सक्रियता और शैक्षणिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी पर संतोष व्यक्त किया।
सेमिनार के माध्यम से विद्यार्थियों को आनुवंशिक पदार्थ के रूप में डीएनए की भूमिका को समझने तथा अपने ज्ञान और विचारों को साझा करने का अवसर मिला। कार्यक्रम ने महाविद्यालय में शैक्षणिक संवाद और विषय आधारित अध्ययन को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया।






