Madhepura:महान समाजवादी, दूरदर्शी शिक्षाविद एवं सामाजिक न्याय के प्रखर पुरोधा भूपेंद्र नारायण मंडल की जयंती के अवसर पर प्रो. (डॉ.) फिरोज़ मंसूरी ने उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि मंडल जी का जीवन वंचित, शोषित, पसमांदा, अरजाल एवं पिछड़े वर्गों को सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक समानता दिलाने के लिए समर्पित रहा।

राष्ट्रीय संयोजक—पसमांदा मुस्लिम समाज, उर्दू सलाहकार समिति (बिहार सरकार) के सह सदस्य एवं जनता दल (यू) के वरिष्ठ नेता प्रो. मंसूरी ने कहा कि भूपेंद्र नारायण मंडल समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों से प्रेरित होकर समाजवादी आंदोलन के अग्रणी नेता बने। उन्होंने न केवल वंचित समाज की आवाज़ बुलंद की, बल्कि उसे नीतियों और अवसरों में बदलकर समाज में ठोस परिवर्तन लाने का कार्य किया।
उन्होंने आगे कहा कि मंडल जी के समाजवादी विचार आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों और शासन मॉडल में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होते हैं, जिसमें समावेशी विकास, सामाजिक समरसता और अंतिम पंक्ति तक विकास पहुँचाने की प्रतिबद्धता प्रमुख है। यह शासन मॉडल मंडल-लोहिया परंपरा की जीवंत और प्रभावी अभिव्यक्ति है।
प्रो. मंसूरी ने युवाओं, बुद्धिजीवियों और समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया कि वे मंडल जी के विचार—समावेशी विकास, समान अवसर और सामाजिक न्याय—को अपने जीवन और आचरण में अपनाएँ, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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इस अवसर पर उन्होंने भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में “भूपेंद्र बाबू चेयर” की स्थापना हेतु अपने एक माह का वेतन दान करने की घोषणा भी की। यह घोषणा मंडल जी की 123वीं जयंती समारोह के दौरान उनके चरणों में श्रद्धांजलि स्वरूप की गई।