Madhepura:मधेपुरा जिले के खोपैती गाँव के स्थायी निवासी लाल बहादुर सिंह उर्फ लाल बाबू के निधन की खबर सुनते ही पूर्व सांसद आनंद मोहन उनके पैतृक आवास पहुंचकर पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि करते हुई कहा कि संघर्ष के दिनों साथी ‘लाल भाई’। वे रिश्ते में मेरे मामा और बड़े साढू भाई श्री विजय प्रताप सिंह जी के अनुज थे। शुरुआती दिनों में मेरे राजनीतिक-सामाजिक संघर्षों में उनका योगदान अतुलनीय था। फिलवक्त वे कुछ अस्वस्थ चल रहे थे। हाल ही में एक भेंट में मैंने जब उनसे पुनः सक्रिय होने का आग्रह किया, तो प्रसन्न होकर उन्होंने कहा- हां ‘नेता’ , अब स्वस्थ हूं, जल्द सक्रिय हूंगा। लेकिन सुबह सूचना मिली, वे नहीं रहे…
मेरे लिए यह मर्मांतक पीड़ा देने वाली ख़बर थी।

खबर के साथ उनके साथ बीती सभी भूली – बिसरी यादें, चल चित्र की रील की तरह एक – एक कर सामने से गुजर गईं।सतीश (सुखासन), वीरेंद्र बाबू (बाड़ा), सुबोध मामा (पस्तपार), दयाशंकर बाबू (शहजादपुर), श्याम सुंदर जी (भद्दी), हरि जी (धबौली) और अब ‘लाल भाई’…!
बाहर आने पर आखिरी पाली में जिनकी सख्त जरूरतें थीं, इलाके भर के वे सभी पाए एक – एक कर ढहते जा रहे हैं, पर यकीन मानिए, इन झटकों से मैं हार मानने वाला नहीं हूं। नियति ने सदैव मेरे सामने नई चुनौतियां पेश की हैं और इतिहास गवाह है, मैंने कभी चुनौतियों से मुंह नहीं फेरा है।
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मौके पर ध्यानी यादव पूर्व पार्षद ने कहा कि लाल भाई मृदुभाषी एवम शांत स्वभाव के धनी व्यक्ति थे। उनके निधन से फ्रेंड्स ऑफ आनंद को अपूर्णीय क्षति हुई है।
मौके पर ध्यानी यादव पूर्व पार्षद सह फ्रेंड्स ऑफ आनंद जिलाध्यक्ष, अमित कुमार मोनी, आनंद सिंह, अमर कुमार सिंह, अरविंद सिंह, अनिल सिंह, ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू, सत्यनारायण सिंह, दीपक सिंह प्रखंड अध्यक्ष फ्रेंड्स ऑफ आनंद, रामशंकर सिंह, इंद्रभूषण सिंह इंदु, भाष्कर कुमार सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।







