Madhepura:जिले के शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री के संभावित कार्यक्रम में अपनी मांगों से अवगत कराएंगे। जिला प्राथमिक शिक्षक संघ, मधेपुरा के जिला कोषाध्यक्ष शैलेश कुमार चौरसिया ने बताया कि मां डाकनी दरबार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर शिक्षकों की प्रमुख समस्याओं को रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों की मुख्य मांगों में विशिष्ट शिक्षकों को आठ वर्ष पर प्रोन्नति का लाभ, पति-पत्नी स्थानांतरण नीति का प्रभावी क्रियान्वयन, नियोजित शिक्षकों का समय पर वेतन भुगतान, शनिवार को विद्यालय की समयावधि में कमी, दिवंगत शिक्षकों के परिजनों को शीघ्र अनुकंपा नियुक्ति तथा नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा शामिल है।
इसके अलावा उदाकिशुनगंज नगर परिषद क्षेत्र के शिक्षकों एवं मधेपुरा जिले के राज्यकर्मियों को 10 प्रतिशत आवास भत्ता देने, सभी विशिष्ट शिक्षकों को नियुक्ति नियमावली के अनुरूप आठ वर्ष में प्रोन्नति का लाभ देने तथा “एक राज्य-एक नियम” लागू करने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जाएगी। शिक्षक नेताओं ने कहा कि भागलपुर जिले में विशिष्ट शिक्षकों को आठ वर्ष में प्रोन्नति का लाभ दिया जा रहा है, इसलिए यही व्यवस्था पूरे राज्य में लागू होनी चाहिए।
शिक्षकों ने उदाकिशुनगंज में शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय खोलने तथा प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में अटल लैब आवंटित करने की भी मांग उठाई है।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षक सरकार के हर निर्देश का पालन करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया that मधेपुरा जिला शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नई पहचान बना रहा है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) अभिषेक कुमार के नेतृत्व में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग, इंस्पायर अवार्ड, हरित क्रांति, शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जैसे कार्यक्रमों पर विशेष कार्य किया जा रहा है।
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शिक्षकों ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को सफल बनाने में शिक्षक पूरी निष्ठा से योगदान दे रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों की लंबित समस्याओं का समाधान भी जरूरी है।
इस मौके पर अमृता कुमारी, कुमार किशोर केसरी, चदभूषण पासवान, सुनील कुमार चौरसिया, वंदना कुमारी, मंजर आलम समेत बड़ी संख्या में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के आगमन पर खुशी जताई और कहा कि अब शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की उम्मीद बढ़ी।






